कविता

सकारात्मकता

सकारात्मकता
गगन में सूर्य है
धरती में धैर्य है
जीवन में औदार्य है
वाणी में माधुर्य है.

सकारात्मकता
सराहनीय गुण है,
सीखने योग्य गुर है,
सच्ची इंसानियत के लिए
अपनाने योग्य हुनर है,

सकारात्मकता
मन के लिए दवाई है,
मुख के लिए मिठाई है,
अपनाए रखो तो
सबके लिए भलाई है.

सकारात्मकता
प्रगति के लिए चाह है,
सफलता के लिए राह है,
भ्रातृत्व बढ़ाने हेतु
दाद देने के लिए वाह है.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244