मुक्तक/दोहा

मुक्तक

सनातन की मान्यताओं से जो खिलवाड़ करे,
होगा पूर्ण बहिष्कार, इस पर विचार करें।
न हिंसा प्रदर्शन होगा, न धरना घेराव की बातें,
बहिष्कार से ही हिन्दु विरोधियों का उपचार करें।
कुछ पबजी जैसे खेलों का प्रचार कर रहे,
कोई भुजिया अकेले खाने का प्रचार कर रहे।
भारत की संस्कृति पर कुठाराघात करें कुछ,
कुछ दुश्मन से हमदर्दी का प्रचार कर रहे।
आतंकी हमलों पर ख़ामोश रहा करते,
हिन्दुत्व पर हमले तब मौन रहा करते।
देशद्रोही नेता अभिनेता या जनता हो,
मानवाधिकारी अक्सर गौण रहा करते।
कुछ सेना को धमकी देते, कश्मीर बैठकर,
कुछ आँखें दिखलाते, सत्ता में ऐंठ ऐंठकर।
ठुकराया जनता ने जिनको, बिफर रहे हैं,
कर रहे बदनाम देश को, झूठ फैंक फैंककर।
टुकड़े टुकड़े गैंग सक्रिय होते देखा,
बहन बेटियों पर हमला होते देखा।
लव जिहाद इस्लाम ने हथियार चुना,
शिक्षा जिहाद से क़ब्ज़ा होते देखा।
— अ कीर्ति वर्द्धन