लघुकथा

शानदार-यादगार जश्न

आज नीरज का वेतन दस लाख रुपये सालाना है, पर वह अपनी पहली कमाई की याद कभी नहीं भुला पाता. उसका पहला वजीफा (प्रशिक्षण अवधि में मिलने वाली राशि) ₹5000 था. 

वह हमेशा चाहता था कि पिताजी ब्रांडेड कपडे पहनें. उसने अपने पिताजी के लिए एक ब्रांडेड चेक नीली शर्ट खरीदी, जिसकी कीमत ₹1499 थी. माँ को एक साड़ी उपहार में दी जिसकी कीमत ₹3499 थी. जब वे इसे पहन कर आईं तो उसे असीम अनुभूति हुई. अब उसके पास केवल ₹2 बचे थे इसलिए उसने अपने लिए अपनी पसंद की दो टॉफियां खरीदीं.

उसकी माँ ने रात्रिभोज के लिए उसके पसंदीदा व्यंजन बनाए. इस तरह उसने मनाया अपनी पहली कमाई का शानदार-यादगार जश्न.

— लीला तिवानी

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244