कविता

वक्त और दर्द

अक्सर पूछे जाते हैं,
खबरों को लेकर तरह-तरह की बातें,
किए जाते हैं।
कुछ सुकून देने की बातें करते हैं,
कुछ उलझनों से रूबरू कराते हैं।

आज़ इस बात का अहसास हुआ,
समझकर विश्वास हुआ,
नजदिकियां बढ़ाने में,
सबसे पहले अपने दिल को तसल्ली देनी चाहिए,
फिर एक सुखद अनुभव पाने की,
एक महफ़िल में,
कोशिश करनी चाहिए।

जब तक मैं इस बात को लेकर,
गुफ्तगू करता रहा,
नया इतिहास रचते हुए आगे बढता रहा।
मन को तसल्ली मिलता रहा,
आमतौर पर खरा उतरने में,
काफी वक्त लगता रहा।

वक्त और हालात ऐसी थी,
मुश्किल वक्त में ही,
सबकुछ हासिल करने की हिम्मत जुटाते हुए,
आगे बढ़ने में लगा रहा।

आज़ इत्मीनान हूं,
परन्तु तमाम हसरतें पूरी करने के बाद भी,
बहुत ही परेशान हूं।
हिफाजत ख़ुद को ख़ुद से करना चाहिए,
इसकी वजह से रूबरू होना चाहिए,
नन्हे सुमन को इस बात का इल्म कहां,
उम्र बढ़ेगी तो,
इसपर बहसबाजी होगी यहां।

— डॉ. अशोक, पटना

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com