कविता

दक्ष की दीपशिखा

ब्रह्मा के मानस पुत्र जो, यज्ञों के अधिपति कहाए,
धूप-दीप से पावन धरती, जिनके पदचिह्न सुलगाए।
दक्ष प्रजापति नाम जिनका, अनुशासन जिनकी वाणी,
धर्म की रेखाएं खींचें, रचें सृष्टि की नई कहानी।

कन्याएँ थीं सप्त सागरों सी, शील-संस्कारों की खान,
बांधीं सब ऋषियों को बंधन, किया नवजीवन का दान।
सावित्री से संध्या, रोहिणी से काल का क्रम,
चंद्र को सौंपा वह विश्वास — समय बने सुंदरतम।

पर जब हुआ शिव से विवाह, सती ने उठाई बात,
दक्ष न माने योगी को, देखा बस औघड़ ठाठ।
ना पहचाना आत्म-स्वरूप, बस देखा भस्म का रंग,
मर्यादा में उलझ गया, बुन बैठा तिरस्कार का जाल तंग।

यज्ञ रचा पर भाव नहीं था, शिव को आमंत्रण खो गया,
सती गईं सम्मान हेतु, और प्राणों से रो गईं।
शिव ने खोया संयम फिर, वीरभद्र बन गरजे आकाश,
बिन भक्ति यज्ञ हो गया राख, टूटा धर्म का पलाश।

दक्ष का सिर गया कट, पर शिव ने फिर दिया जीवन,
बकरी-मुख से पुनः उठाया — सीख यही, क्षमा है साधन।
सिखाया जग को यह बात — ना हो धर्म में दंभ,
अनुशासन से बड़ा प्रेम, और प्रेम में छुपा है यज्ञ।

आज भी जब हो यज्ञ कहीं, सती की चिता सुलगती है,
जब बेटी की ना सुनी जाए, हर अग्नि मौन भड़कती है।
दक्ष सिखा गए संयम, पर शिव ने सिखाया त्याग,
धर्म वहीं जहां समता हो, नहीं जहां केवल भाग।

हे दक्ष! तुम्हारी जयंती पर, दीप जलाएँ ज्ञान के,
क्योंकि तुमने यज्ञ किया था — पर सीखा अग्निपथ प्राण के।
श्रद्धा से झुकते हैं शीश, पर आँखें अब खोलेंगे,
दूसरों की राह भी सुनेंगे — यही तुमसे बोलेंगे।

— डॉ. सत्यवान सौरभ

*डॉ. सत्यवान सौरभ

✍ सत्यवान सौरभ, जन्म वर्ष- 1989 सम्प्रति: वेटरनरी इंस्पेक्टर, हरियाणा सरकार ईमेल: satywanverma333@gmail.com सम्पर्क: परी वाटिका, कौशल्या भवन , बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045 मोबाइल :9466526148,01255281381 *अंग्रेजी एवं हिंदी दोनों भाषाओँ में समान्तर लेखन....जन्म वर्ष- 1989 प्रकाशित पुस्तकें: यादें 2005 काव्य संग्रह ( मात्र 16 साल की उम्र में कक्षा 11th में पढ़ते हुए लिखा ), तितली है खामोश दोहा संग्रह प्रकाशनाधीन प्रकाशन- देश-विदेश की एक हज़ार से ज्यादा पत्र-पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशन ! प्रसारण: आकाशवाणी हिसार, रोहतक एवं कुरुक्षेत्र से , दूरदर्शन हिसार, चंडीगढ़ एवं जनता टीवी हरियाणा से समय-समय पर संपादन: प्रयास पाक्षिक सम्मान/ अवार्ड: 1 सर्वश्रेष्ठ निबंध लेखन पुरस्कार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी 2004 2 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड काव्य प्रतियोगिता प्रोत्साहन पुरस्कार 2005 3 अखिल भारतीय प्रजापति सभा पुरस्कार नागौर राजस्थान 2006 4 प्रेरणा पुरस्कार हिसार हरियाणा 2006 5 साहित्य साधक इलाहाबाद उत्तर प्रदेश 2007 6 राष्ट्र भाषा रत्न कप्तानगंज उत्तरप्रदेश 2008 7 अखिल भारतीय साहित्य परिषद पुरस्कार भिवानी हरियाणा 2015 8 आईपीएस मनुमुक्त मानव पुरस्कार 2019 9 इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ रिसर्च एंड रिव्यु में शोध आलेख प्रकाशित, डॉ कुसुम जैन ने सौरभ के लिखे ग्राम्य संस्कृति के आलेखों को बनाया आधार 2020 10 पिछले 20 सालों से सामाजिक कार्यों और जागरूकता से जुडी कई संस्थाओं और संगठनों में अलग-अलग पदों पर सेवा रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवर्सिटी, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 9466526148 (वार्ता) (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) 333,Pari Vatika, Kaushalya Bhawan, Barwa, Hisar-Bhiwani (Haryana)-127045 Contact- 9466526148, 01255281381 facebook - https://www.facebook.com/saty.verma333 twitter- https://twitter.com/SatyawanSaurabh