कविता

ये इमोजी

बिन बोले बहुत कुछ कहते हैं इमोजी,
बड़े मस्त-मनमौजी होते हैं ये इमोजी,
बातें करते हैं, सोचते हैं, समझाते हैं,
हमारी दुनिया को रंगीन बनाते हैं इमोजी!

दिल को तोड़ते, फिर जोड़ते भी हैं इमोजी,
दिल में तीर मारते, सितारे भी जड़ते इमोजी,
जहाँ तक न पहुंचे रवि, पहुंच है इनकी,
बहुत पापुलर हो गए हैं ये छोटे-से इमोजी।

छोटे-से आइकन मनोभाव व्यक्त करते हैं,
ऑनलाइन,सोशल मीडिया पर चमकते हैं,
संक्षेप में व्यक्त करने का सटीक माध्यम है,
मेसेजिंग ऐप पर इमोजी रहते दमकते हैं!

अक्सर मन हर्षाते-बहलाते हैं इमोजी,
कभी-कभी दिल दुःखाते भी हैं इमोजी,
सोच-समझकर इनका उपयोग करना,
कभी-कभी गोल-गोल घुमाते भी हैं इमोजी!

— लीला तिवानी

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244