हमारे भगवान को
धरती हमारी माता और पिता आसमान
चांद हमारा मामा और सूरज हमारा देवता.
आकाश गंगा के तारों में हमारी आत्मा,
पेड़ पौधों में बसते हैं हमारे पूर्वज
और हम तो हैं उनके केवल रखवाले वारिस।
हंसता खेलता खुशी का जीवन है हमारा,
मत काटो इस जंगल को
जिसमें बसते हमारे भगवान को।
— डॉ. कान्ति लाल यादव
