गीत/नवगीत

सबसे कठिन है सरल होना

सब पाकर भी न घमंड होना।
सबसे कठिन है सरल होना ।
हम जिस कुर्सी पे बैठे आज,
कल होगी जाने किसकी जान।

हर हाल में बस एक सम होना!
सबसे कठिन है सरल होना।

जो पास है उस में तृप्त रहना,
किसी का ज्यादा देख न कुढ़ना।
मेहनत में विश्वास जब हो हमारा,
कर्मों का फल मिलता है सारा।

न अति उत्साहित न रोना धोना।
हाँ ! सबसे कठिन है सरल होना।

ख़ामोशी से कदम बढ़ाते जाना,
संग अपनों से भी जुड़े रहना।
कमज़ोर को भी सहारा देना,
छोटी-छोटी ग़लती माफ करना।

किसी की खुशी,गम में शामिल होना।
हाँ ! सबसे कठिन है सरल होना।

कम मिले कभी मिलता ज्यादा,
हरदम न सोचें बस अपना फायदा।
कभी मुश्किलें कभी आसान राहें,
अपने संग औरों का भला भी चाहें।

मखमली कभी कांटों का बिछौना।
हाँ ! पर सबसे कठिन है सरल होना।

— कामनी गुप्ता

कामनी गुप्ता

माता जी का नाम - स्व.रानी गुप्ता पिता जी का नाम - श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता जन्म स्थान - जम्मू पढ़ाई - M.sc. in mathematics अभी तक भाषा सहोदरी सोपान -2 का साँझा संग्रह से लेखन की शुरूआत की है |अभी और अच्छा कर पाऊँ इसके लिए प्रयासरत रहूंगी |