बंधन की मोहताज नहीं
भाई बहन का रिश्ता अटूट होता है,
इस रिश्ते को किसी धागे के बंधन की
आवश्यकता नहीं होती,
जब मुसीबत में हो भाई तो
बहन की आंखों में नींद नहीं होती,
बहन-भाई का रिश्ता दिल का होता है
जिन्हें जगवालों को दिखाने की जरूरत क्यों,
यह भावनात्मक जुड़ाव इतना खूबसूरत क्यों,
नैतिकता से परिपूर्ण इस रिश्ते में
दुराव,छिपाव,साम-दाम-भेद के लिए
रत्ती भर जगह नहीं होता,
जगह होता है तो प्यार दुलार अपनत्व की,
यह संबंध है पंचरत्न सी,
बहन कभी जान नहीं मांगती
मगर भाई जान लुटाने को भी तैयार रहता है,
गर हो भरोसा चाहत की बयार होता है,
इस ताउम्र के बंधन के बीच
किसी धागे का खुमार मत लाओ,
किसी के मंत्र या किसी के व्यापार के
ओछी सोच को परवाज दे न फैलाओ।
— राजेन्द्र लाहिरी
