बाँसुरी
माँ मुझको तू कृष्ण बना दे,
देश-प्रेम की लगन लगा दे ।
छोटा-सा पीताम्बर पहना,
नन्हीं-सी #बाँसुरी दिलादे ॥
मोर-पंख का मुकुट सजीला,
मेरे शीश पर आज सजा दे ।
माखन-मिश्री खूब खिलाकर,
मुझको शक्तिमान बना दे ॥
मेरी बाँसुरी की धुन सुनकर,
नाचती हैं जब सारी सखियां।
बरसाने की गोरी राधा रानी,
मटकाती है प्रेमिल अखियां।।
छोटी-सी राधा रानी-संग,
मैय्या मेरो ब्याह रचा दे॥
ग्वाल-बाल संग माखन खाऊं,
इतना ताज़ा मक्खन दिलादे।
— लीला तिवानी
