वाह खो-खो!
11-11 की दो टीम बनाएं हो-हो-हो,
आओ मिल-जुल खेलें हम खो-खो,
एक के बाद दूजे की आए बारी,
एक दौड़ लगाए, दूजा पकड़े कह खो-खो।
जिसको हाथ लगे, वह दौड़े बहुत तेज,
भागते हुए को धप्पा कहे बनकर नेज,
हार मान वह बाहर जाए, आए दूजा खिलाड़ी,
जो खिलाड़ी हो आउट, वो हो जाता निस्तेज।
सारे खिलाड़ी हारें तो दूसरी टीम खेले,
भागकर पकड़े जाने से बच पाने को झेले,
नियत समय में वह टीम भी जब आउट हो जाए,
हार-जीत का हो निर्णय, वाह खो-खो सब खेले!
— लीला तिवानी
