मुक्तक/दोहा

विज्ञान कविता – गुणकारी मोटे अनाज

’कदन्न’ में गुण बहुत हैं , सदा कीजिए भोग।
जो करते उपभोग नित, पास न आते रोग।।

’सुपोषण’ से भरपूर हैं, सब ही मोटे अनाज।
’इम्यूनिटी’ बूस्ट करें, सबल स्वास्थ्य का राज।।

’मंडुवा’ राजा अनाज है, कैल्शियम की खान।
अस्थियों’ को मजबूत करे, बात लीजिए मान।।

’जौं’ भी मोटा नाज है खनिजों का भण्डार।
भोजन में शामिल करें, होगा सतत रक्त संचार।।

’ज्वार’ की रोटी खाइए, ’प्रोटीन’ से भरपूर
बच्चों को भी दीजिए, ’क्वाशियरकर’ हो दूर।।

’बाजरे’ में गुण बहुत हैं ,यह तो है सौगात।
भोजन में शामिल करें ,संतुलित हो कफ,’वात’।।

झंगोरा’, ’कंगनी’ खाइए, ’आइरन’ से भरपूर।
’गर्भिणी’ को भी दीजिए, एनीमियां होगा दूर।।

मकई की रोटी रहे और हो सरसों का साग।
’फाइवर’ तन को खूब मिले,अपच जाएगा भाग।।

सब ही मोटे अनाज हैं, कैलोरी से भरपूर।
सब जन सेवन कीजिए, कुपोषण’ होगा दूर।।

बदल-बदल कर खाइए सब ही मोटे अनाज।
’कदन्नों’ में छिपा है, स्वस्थ्य जीवन का राज।ं।

ऋतुचर्या अपनाइए, और रखें ब्रत, उपवास ।
नियमित योग भी कीजिए, रोग न आएं पास।।

शाकाहार अपनाइए , औषधियों का मूल।
कभी पास नहीं आएंगे रोग,व्याधि और शूल।

कृषक भाई! उगाइए, कदन्नों को भरपूर ।
लागत भी तो कम रहे, और आय रहे भरपूर।।

सबको संतुलित आहार मिले, रहे उचित व्यवहार।
सदा सभी का बना रहे मातृभूमि मां से प्यार।।

— तारा दत्त जोशी

तारा दत्त जोशी

रा इ का हरिपुरा हरसान पो -हरिपुरा (बाजपुर) ऊ .सि. नगर 6396764016 write2tdjoshi@gmail.com