द बंगाल फ़ाइल्स देखने जाएं हिंदू
देश की अधिकांश हिंदू जनता सोई रहती है, चाहे कोई हिंदुओं के लिए कुछ भी करे, अपनी जान लुटा दे, अपनी गर्दन कटवा दे, देश की वर्तमान परिस्थितियां चिंताजनक है, बिहार का सीमांचल पूरी तरह से कश्मीर बनने की राह पर दिखता है, डेमोग्राफी बदल चुकी है लेकिन बिहार में वोट जात पात पर ही पड़ने जा रहा है । हिंदू बदलने को तैयार दिखता भी है तो बीच बीच में सो जाता है । इससे क्या लक्ष्य हासिल हो सकता है।
वर्तमान घटना विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द बंगाल फ़ाइल्स को लेकर है । फिल्म को अब तक एक हफ्ते में कम से कम 100 करोड़ रुपए जरूर कमा लेने चाहिए थे लेकिन दुख की बात ये है कि फिल्म ने अब तक सिर्फ 12-13 करोड़ रुपए ही कमाए हैं । रविवार को फिल्म सिर्फ 7 करोड़ रुपए ही कमा सकी जो कि उम्मीद से बहुत कम है ।
प्रचार की भूमिका बहुत अहम होती है । देश का हर नागरिक अपने काम धंधे में लगा हुआ है, पैसे कमाने में ही जिंदगी बीत जा रही है । ऐसी स्थिति में मैंने अपने व्हाटसएप के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रवाद के प्रचार का अभियान चलाया । 5 साल से मेरा ये अभियान लगातार जारी है । और इसका लाभ ये हुआ कि आम जनता अपना काम करते हुए बिजी शिड्यूल में भी हर रोज़ एक लेख जरूर पढ़ती है जिसमें राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का भाव हो ।
मैं अपने इसी व्हाटसएप लेख से एक बार फिर ये अपील करता हूं कि देश के सभी नागरिक द बंगाल फिल्म्स देखने के लिए जरूर जाएं और फिल्म को सुपरहिट इसलिए बनाएं ताकी इस तरह की फिल्में आगे भी बनती रहें ।
ये सोच कर भी मुझे हैरानी होती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर फ़ाइल्स तब देखने गए जब कश्मीर फ़ाइल्स हिट हो गई और इसने पूरे देश में एक तूफान खड़ा कर दिया । मुझे खुशी तब होगी जब ऐसी फिल्मों को शुरुआत में ही प्रधामनंत्री मोदी सबसे पहले देखें ताकी जनता उत्साह में आकर फिल्म को देखने के लिए सिनेमाहॉल तक जाए । सभी राष्ट्रवादियों को इस दिशा में सोचने की जरूरत है।
— दिलीप पाण्डेय
