निर्बल का बल बनना
तुम निर्बल का बल बनना,
अधूरे सपनों को पूरा करना,
जिसके पास न हो किनारा
उसका तुम साहिल बनना,
उसके सपनों को पूरा करना,
जो गिर जाएं उसका सहारा बनना,
जो भटक रहा हो राहों पर,
उसकी सही मार्ग बतलाना,
जो घिर गया हो निराशा में,
आशा का दीपक तुम बनना,
मानव होने का फर्ज पूरा करना,
निर्बल का तुम सहारा बनना.
— पूनम गुप्ता
