राजनीति

वर्तमान में भारत का राजनैतिक परिदृश्य

वर्तमान में भारत का राजनीतिक परिदृश्य काफी जटिल और गतिशील स्थिति में है। 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से भारतीय राजनीति में बड़े बदलाव और संघर्ष देखे जा रहे हैं। अब राजनीति केवल दो प्रमुख दलों तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि क्षेत्रीय और समाजवादी दलों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खास भूमिका निभानी शुरू कर दी है। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र की बहुलता और विविधता को दर्शाता है।भाजपा  ने सत्ता में मजबूती से बने रहने के बावजूद कई चुनौतियों का सामना किया है। विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस, संगठनात्मक बदलावों और नए रणनीतियों के साथ पुनः उभरने का प्रयास कर रहे हैं। विधानसभा चुनावों और लोकसभा उपचुनावों में इस प्रतिस्पर्धा की झलक साफ दिखाई देती है। साथ ही, क्षेत्रीय दल जैसे कि आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और अन्य भी स्थानीय मुद्दों के आधार पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।राजनीतिक संवाद और विरोधाभास संसद और सड़कों दोनों पर तीव्र हो गए हैं। अक्सर संसद सत्रों में भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन होते देखे जा रहे हैं, जिससे विधायी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। सामाजिक, जातीय और धार्मिक मुद्दे राजनीतिक संघर्ष के केंद्र में बने हुए हैं। जाति आधारित जनगणना, नागरिक संहिता जैसे संवेदनशील विषय राजनीतिक दलों के बीच मतभेदों को बढ़ावा दे रहे हैं।2025 में दिल्ली, बिहार और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल और नीतीश कुमार जैसे बड़े राजनीतिक नेतृत्यों के लिए महत्वपूर्ण परीक्षण होंगे। ये चुनाव केवल राज्यों की सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावशाली बदलाव का संकेत भी देने वाले हैं।सरकार के जन-कल्याण और विकास योजनाओं के बावजूद किसान आंदोलन, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। इसके अलावा, “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की पहल भी राजनीतिक बहस में महत्वपूर्ण जगह रखती है।सरकारी नीतियों के एकांगीकरण, सामाजिक संगठनों का दबाव और मीडिया के स्वर विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं को जनता तक पहुंचाते हैं, जिससे भारतीय लोकतंत्र जीवंत और चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।इस प्रकार, वर्तमान में भारत का राजनीतिक परिदृश्य बहु-मुखी, प्रतिस्पर्धी और गतिशील है, जिसमें लोकतंत्र की विविधता और विभिन्नता के साथ राजनीतिक नेतृत्व की चुनौतियाँ भी स्पष्ट देखी जा सकती हैं।

— डॉ. मुश्ताक अहमद 

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह

पिता का नाम: अशफ़ाक़ अहमद शाह जन्मतिथि: 24 जून जन्मस्थान: ग्राम बलड़ी, तहसील हरसूद, जिला खंडवा, मध्य प्रदेश कर्मभूमि: हरदा, मध्य प्रदेश स्थायी पता: मगरधा, जिला हरदा, पिन 461335 संपर्क: मोबाइल: 9993901625 ईमेल: dr.m.a.shaholo2@gmail.com शैक्षिक योग्यता एवं व्यवसाय शिक्षा,B.N.Y.S.बैचलर ऑफ़ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस. बी.कॉम, एम.कॉम बी.एड. फार्मासिस्ट आयुर्वेद रत्न, सी.सी.एच. व्यवसाय: फार्मासिस्ट, भाषाई दक्षता एवं रुचियाँ भाषाएँ, हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी रुचियाँ, गीत, ग़ज़ल एवं सामयिक लेखन अध्ययन एवं ज्ञानार्जन साहित्यिक परिवेश में रहना वालिद (पिता) से प्रेरित होकर ग़ज़ल लेखन पूर्व पद एवं सामाजिक योगदान, पूर्व प्राचार्य, ज्ञानदीप हाई स्कूल, मगरधा पूर्व प्रधान पाठक, उर्दू माध्यमिक शाला, बलड़ी ग्रामीण विकास विस्तार अधिकारी, बलड़ी कम्युनिटी हेल्थ वर्कर, मगरधा साहित्यिक यात्रा लेखन का अनुभव: 30 वर्षों से निरंतर लेखन प्रकाशित रचनाएँ: 2000+ कविताएँ, ग़ज़लें, सामयिक लेख प्रकाशन, निरन्तर, द ग्राम टू डे, दी वूमंस एक्सप्रेस, एजुकेशनल समाचार पत्र (पटना), संस्कार धनी (जबलपुर),जबलपुर दर्पण, सुबह प्रकाश , दैनिक दोपहर,संस्कार न्यूज,नई रोशनी समाचार पत्र,परिवहन विशेष,समाचार पत्र, घटती घटना समाचार पत्र,कोल फील्ड मिरर (पश्चिम बंगाल), अनोख तीर (हरदा), दक्सिन समाचार पत्र, नगसर संवाद, नगर कथा साप्ताहिक (इटारसी) दैनिक भास्कर, नवदुनिया, चौथा संसार, दैनिक जागरण, मंथन (बुरहानपुर), कोरकू देशम (टिमरनी) में स्थायी कॉलम अन्य कई पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर रचनाएँ प्रकाशित प्रकाशित पुस्तकें एवं साझा संग्रह साझा संग्रह (प्रमुख), मधुमालती, कोविड, काव्य ज्योति, जहाँ न पहुँचे रवि, दोहा ज्योति, गुलसितां, 21वीं सदी के 11 कवि, काव्य दर्पण, जहाँ न पहुँचे कवि (रवीना प्रकाशन) उर्विल, स्वर्णाभ, अमल तास, गुलमोहर, मेरी क़लम से, मेरी अनुभूति, मेरी अभिव्यक्ति, बेटियां, कोहिनूर, कविता बोलती है, हिंदी हैं हम, क़लम का कमाल, शब्द मेरे, तिरंगा ऊंचा रहे हमारा (मधुशाला प्रकाशन) अल्फ़ाज़ शब्दों का पिटारा, तहरीरें कुछ सुलझी कुछ न अनसुलझी (जील इन फिक्स पब्लिकेशन) व्यक्तिगत ग़ज़ल संग्रह: तुम भुलाये क्यों नहीं जाते तेरी नाराज़गी और मेरी ग़ज़लें तेरा इंतज़ार आज भी है (नवीनतम) पाँच नए ग़ज़ल संग्रह प्रकाशनाधीन सम्मान एवं पुरस्कार साहित्यिक योगदान के लिए अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त पाठकों का स्नेह, साहित्यिक मंचों से मान्यता मुश्ताक़ अहमद शाह जी का साहित्यिक और सामाजिक योगदान न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के लिए गर्व का विषय है। आपकी लेखनी ने समाज को संवेदनशीलता, प्रेम और मानवीय मूल्यों से जोड़ा है। आपके द्वारा रचित ग़ज़लें और कविताएँ आज भी पाठकों के मन को छूती हैं और साहित्य को नई दिशा देती हैं।