कविता

एशिया कप- २०२५

एक ही प्रतियोगिता में उन्हें हमने
तीन-तीन बार जमकर पटका
पाक खिलाड़ी कुछ समझ न पाए
हम मारते गये चौका और छक्का

शुरुआत के दो मैचों में
अभिषेक शर्मा ने खूब मार लगाई
गेंदबाजों ने की शानदार गेंदबाजी
उनकी पैंतरेबाजी काम न आई

अंतिम मुकाबला थोड़ा कठिन था
कुलदीप ने अपना हुनर दिखाया
पूरी टीम दिखाई दी एकजुट
शिवम,तिलक ने कोहराम मचाया

बांग्लादेश व श्री लंका को हराया
मैच दर मैच अपना हुनर दिखाया
लेकिन सच पूछो तो असली मज़ा
पाक को तीन बार हराकर आया

बल्लेबाजी, क्षेत्ररक्षण व गेंदबाजी
हर क्षेत्र में हमने मारी बाजी
प्रतियोगिता के सब मैच जीतकर
विरोधियों को धूल चटा दी।

सूर्या के पूर्ण न चमकने पर भी
भारत ने अपनी धाक जमाई
ज्यादा अनुभव न होकर भी
युवा टीम ने परिपक्वता दर्शायी।

कठिन स्थितियों में न हारी हिम्मत
धैर्य व सूझबूझ से पलटी किस्मत
इससे पहले कि वह समझ पाते
हार ने दरवाजे पर दे दी दस्तक।

प्रणाम है भारतीय युवा टीम को
ग्यारहवीं बार हमें कप जितवाया
चिर प्रतिद्वंद्वी को करके परास्त
जीत का मजा और भी बढ़ाया ।

अनुशासन व मेहनत के बल पर
कप जीतने में सफलता पाई
चयनकर्ताओं का करते शुक्रिया
पूरी टीम को लख-लख बधाई।।

चयनकर्ताओं का करते शुक्रिया
पूरी टीम को लख-लख बधाई।।

— नवल अग्रवाल

*नवल किशोर अग्रवाल

इलाहाबाद बैंक से अवकाश प्राप्त पलावा, मुम्बई