दुर्गा अष्टमी की पूर्व संध्या पर आयोजित ‘अंतस्’ की 74वीं काव्य-गोष्ठी
उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुई ‘अंतस्’ की 74वीं काव्य-गोष्ठी. दुर्गा अष्टमी की पूर्व संध्या पर आयोजित गोष्ठी में भारत के विभिन्न राज्यों से शामिल कवि-कवयित्रियों ने भक्ति-भाव-संपन्न रचनाओं के साथ-साथ अन्य सम-सामायिक विषयों में भी रस-वर्षा की.
मासिक गोष्ठियों की अबाधित श्रंखला में ‘अंतस्’ अपने सातवें वर्ष में प्रवेश करने के उपरांत विषयों और विधाओं पर आधारित आयोजन करती आ रही है. पिछली दोहा-विधा आधारित गोष्ठी के बाद अब पर्वों के उल्लसित वातावरण में त्रिदेवी-अम्बे, सरस्वती और काली को समर्पित रचनाओं के साथ-साथ श्री राम को समर्पित भजन, गीत, कविता , मुक्तक, दोहे, हाइकु पढ़े गए साथ ही राजनैतिक व्यंग्य, संजीदा ग़ज़लों के कलेवर का आनंद भी उपस्थित श्रोताओं और कविवृन्द ने लिया. संस्था की अध्यक्ष डॉ पूनम माटिया के संयोजन-सञ्चालन में आयोजित इस गोष्ठी में हाजीपुर, बिहार से डॉ प्रतिभा पाराशर, फ़रीदाबाद, हरियाणा से गुंजन अग्रवाल तथा दिल्ली एन सी आर से देवेन्द्र प्रसाद सिंह, डॉ नीलम वर्मा, पूजा श्रीवास्तव, पूनम सागर, सुशीला श्रीवास्तव, डॉ अमित कौर पुरी, दुर्गेश अवस्थी, नासिक, महाराष्ट्र से मनोज कामदेव, अलीगढ़, उत्तरप्रदेश से डॉ दिनेश शर्मा, डॉ सरिता गर्ग ने सहभागिता की.
मीडियाकर्मी सुरभि सप्रु (भारत मेरे साथ), संरक्षक नरेश माटिया, सुधि श्रोता कँवल कोहली तथा पूर्व संगीत शिक्षिका रेनू चौधरी तथा अन्य कई श्रोताओं ने उपस्थित रह कर सभी का उत्साहवर्धन किया.
