मंज़िल हासिल करने के लिए
सपनों की डगर,
सूरज संग बढ़ते कदम,
आशा की किरन।
राह कठिन सही,
हौसले के संग चलो,
जीत पास होगी।
चोटियाँ ऊँची,
मन की उड़ान निरंतर,
धैर्य का आधार।
हर कदम गवाही,
मेहनत का फल अमृत है,
समय का उपहार।
अंधियारे में भी,
दीपक राह दिखाता है,
विश्वास रखो।
पथरीली राह,
कदम थमते फिर चलें,
संकल्प अटल।
जीवन का सफ़र,
संघर्षों की चादर में,
मुक्ति का सवेरा।
मंज़िल बुलाती,
कदमों की गूंज कहे,
हार मत मानो।
— डॉ. अशोक
