शरद की सुप्रभात
शरद ने कानों में आकर,
कह दिया चुपके से गाकर —
“पाकर मुझको निखर गई ना?
सच कहो, तुम सिहर गई ना?”
धवल वितान नभ पर छाया,
चितवन चाँदनी-सी दमकाया।
शरद ने कानों में आकर
— सविता सिंह मीरा
शरद ने कानों में आकर,
कह दिया चुपके से गाकर —
“पाकर मुझको निखर गई ना?
सच कहो, तुम सिहर गई ना?”
धवल वितान नभ पर छाया,
चितवन चाँदनी-सी दमकाया।
शरद ने कानों में आकर
— सविता सिंह मीरा