हाइकु/सेदोका

इजाज़त दे दी है मैंने

रात की चादर,
चाँद की चुप हलचल में,
तेरा नाम आया।

हवा ने कहा,
तेरी खुशबू संग लायी,
बीते पल जागे।

पेड़ की शाखों पर,
गिरती हुई धूप हँसी,
तेरा चेहरा था।

सन्नाटा बोला,
तेरे कदमों की गूंज,
अब भी बाकी है।

खिड़की की सिल पर,
धूप ने जो रेखा खींची,
वो तुझसे मिलती।

बरसात आई,
भीगे सपनों की धरती,
तेरा असर है।

हर साँस में अब,
थोड़ी सी तेरी आहट,
थोड़ा सा सुकून।

समय ठहरकर,
देख रहा है मुझको,
तेरे जाने के बाद।

मैंने भी आज,
दिल की चौखट पर धीरे,
इजाज़त दे दी।

अब जो भी आए,
तेरी यादों के रस्ते,
खुशबू बन जाए।

तू मुस्कुरा दे,
तो हर मौसम महके,
हर जख्म हँसे।

तेरे जाने से,
मैं अधूरा नहीं अब,
मैं पूरा तू हूँ।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com