खुशी जीत की
सूरज मुस्काए,
मन की धरती पर खिले,
आशा के पौधे।
बूँदों की हलचल,
भीतर जागे ज्वार नया,
सपनों का सागर।
चाँद की चादर,
ढक ले थके अरमानों को,
नव प्रभात पुकारे।
पवन का संदेश,
ले जाए दुख की परछाई,
मन हो उजियारा।
मुस्कान की धुन,
हर दिल में राग जगाए,
जीवन बने गीत।
जीत की खुशबू,
महके हर एक कदम पर,
विश्वास अमर हो।
पथरीले रस्ते,
बन जाए फूलों के पल,
संकल्प अमर है।
आँखों में सपना,
हाथों में मेहनत का बल,
खुशी है मंज़िल।
— डॉ. अशोक
