शिक्षा एवं व्यवसाय

वर्तमान समय में, शिक्षा को अक्सर केवल पैसे कमाने का माध्यम समझा जाने लगा है 

वर्तमान में हमारे युवा पीढ़ी की दिशा और शिक्षा का अर्थ विषयक आलेखआज की युवा पीढ़ी की सोच और जीवन दर्शन में बदलाव स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है। आर्थिक उन्नति का दौर, तकनीकी विकास और सोशल मीडिया के प्रभाव ने युवाओं की प्राथमिकताओं और जीवन के मूल्यांकन के तरीकों को काफी प्रभावित किया है। वर्तमान समय में, शिक्षा को अक्सर केवल पैसे कमाने का माध्यम समझा जाने लगा है। यह नजरिया इस धारणा को जन्म देता है कि जिसने अधिक पैसा कमाया वही सफल माना जाएगा।हालांकि, यह सोच संकुचित और अधूरी है। शिक्षा का मूल उद्देश्य ज्ञान, सोच-विचार, नैतिकता, और सामाजिक जिम्मेदारी से लैस करना है। शिक्षा के ज़रिये इंसान व्यक्ति के रूप में विकसित होता है, बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होता है और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए तैयार होता है। केवल पैसे का पीछा करना सफलता का पूर्ण मापदंड नहीं हो सकता।युवा पीढ़ी जब शिक्षा को सिर्फ पैसों से जोड़कर देखती है, तो इससे उनकी सोच भौतिकवादी और संकीर्ण हो सकती है, जिससे वे सामाजिक मूल्यों, सकारात्मक सोच और सहज सृजनात्मकता से दूर हो सकते हैं। जीवन की सच्ची सफलता केवल आर्थिक समृद्धि में नहीं, बल्कि मानसिक संतोष, व्यक्तिगत विकास, नैतिकता, और दूसरों की सेवा में हो सकती है।इसलिए जरूरी है कि युवा पीढ़ी को शिक्षा का सही अर्थ समझाया जाए कि यह आत्म-समृद्धि, ज्ञान-वृद्धि, और समाज के प्रति ज़िम्मेदार बनने का जरिया है, न कि केवल पैसे कमाने की मशीन। जो व्यक्ति समाज और अपने परिवार के लिए मूल्यवान योगदान करता है, उसके लिए जीवन की सफलता की परिभाषा अधिक प्रासंगिक है।अंत में, युवा पीढ़ी को प्रेरित करना चाहिए कि वे शिक्षा का उपयोग केवल आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज सुधार, व्यक्तिगत विकास और नैतिकता के लिए करें। तभी वे एक सफल और संतुलित जीवन व्यतीत कर सकेंगे और देश का भविष्य सशक्त बनेगा।

— डॉ. मुश्ताक अहमद शाह 

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह

पिता का नाम: अशफ़ाक़ अहमद शाह जन्मतिथि: 24 जून जन्मस्थान: ग्राम बलड़ी, तहसील हरसूद, जिला खंडवा, मध्य प्रदेश कर्मभूमि: हरदा, मध्य प्रदेश स्थायी पता: मगरधा, जिला हरदा, पिन 461335 संपर्क: मोबाइल: 9993901625 ईमेल: dr.m.a.shaholo2@gmail.com शैक्षिक योग्यता एवं व्यवसाय शिक्षा,B.N.Y.S.बैचलर ऑफ़ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस. बी.कॉम, एम.कॉम बी.एड. फार्मासिस्ट आयुर्वेद रत्न, सी.सी.एच. व्यवसाय: फार्मासिस्ट, भाषाई दक्षता एवं रुचियाँ भाषाएँ, हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी रुचियाँ, गीत, ग़ज़ल एवं सामयिक लेखन अध्ययन एवं ज्ञानार्जन साहित्यिक परिवेश में रहना वालिद (पिता) से प्रेरित होकर ग़ज़ल लेखन पूर्व पद एवं सामाजिक योगदान, पूर्व प्राचार्य, ज्ञानदीप हाई स्कूल, मगरधा पूर्व प्रधान पाठक, उर्दू माध्यमिक शाला, बलड़ी ग्रामीण विकास विस्तार अधिकारी, बलड़ी कम्युनिटी हेल्थ वर्कर, मगरधा साहित्यिक यात्रा लेखन का अनुभव: 30 वर्षों से निरंतर लेखन प्रकाशित रचनाएँ: 2000+ कविताएँ, ग़ज़लें, सामयिक लेख प्रकाशन, निरन्तर, द ग्राम टू डे, दी वूमंस एक्सप्रेस, एजुकेशनल समाचार पत्र (पटना), संस्कार धनी (जबलपुर),जबलपुर दर्पण, सुबह प्रकाश , दैनिक दोपहर,संस्कार न्यूज,नई रोशनी समाचार पत्र,परिवहन विशेष,समाचार पत्र, घटती घटना समाचार पत्र,कोल फील्ड मिरर (पश्चिम बंगाल), अनोख तीर (हरदा), दक्सिन समाचार पत्र, नगसर संवाद, नगर कथा साप्ताहिक (इटारसी) दैनिक भास्कर, नवदुनिया, चौथा संसार, दैनिक जागरण, मंथन (बुरहानपुर), कोरकू देशम (टिमरनी) में स्थायी कॉलम अन्य कई पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर रचनाएँ प्रकाशित प्रकाशित पुस्तकें एवं साझा संग्रह साझा संग्रह (प्रमुख), मधुमालती, कोविड, काव्य ज्योति, जहाँ न पहुँचे रवि, दोहा ज्योति, गुलसितां, 21वीं सदी के 11 कवि, काव्य दर्पण, जहाँ न पहुँचे कवि (रवीना प्रकाशन) उर्विल, स्वर्णाभ, अमल तास, गुलमोहर, मेरी क़लम से, मेरी अनुभूति, मेरी अभिव्यक्ति, बेटियां, कोहिनूर, कविता बोलती है, हिंदी हैं हम, क़लम का कमाल, शब्द मेरे, तिरंगा ऊंचा रहे हमारा (मधुशाला प्रकाशन) अल्फ़ाज़ शब्दों का पिटारा, तहरीरें कुछ सुलझी कुछ न अनसुलझी (जील इन फिक्स पब्लिकेशन) व्यक्तिगत ग़ज़ल संग्रह: तुम भुलाये क्यों नहीं जाते तेरी नाराज़गी और मेरी ग़ज़लें तेरा इंतज़ार आज भी है (नवीनतम) पाँच नए ग़ज़ल संग्रह प्रकाशनाधीन सम्मान एवं पुरस्कार साहित्यिक योगदान के लिए अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त पाठकों का स्नेह, साहित्यिक मंचों से मान्यता मुश्ताक़ अहमद शाह जी का साहित्यिक और सामाजिक योगदान न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के लिए गर्व का विषय है। आपकी लेखनी ने समाज को संवेदनशीलता, प्रेम और मानवीय मूल्यों से जोड़ा है। आपके द्वारा रचित ग़ज़लें और कविताएँ आज भी पाठकों के मन को छूती हैं और साहित्य को नई दिशा देती हैं।