हाइकु/सेदोका

दूर रहने का मशवरा

सूरज ढलते ही
साया भी पीछे हटता
चुपके से चला जा

पक्षी उड़ते हैं
अम्बर की ओर धीरे
मिट्टी भी कहती

नदी की लहरें
पथिक से दूरी बनाएं
सांझ की ठंडक

पेड़ की छाया
अजनबी से मुख मोड़ती
वृक्ष गवाह है

बगिया में फूल
फूलों का रंग फीका हो
पर खुशबू रहे

चाँद की रोशनी
सड़क पर पड़ती पर तनहा
साया याद रखे

हवा के झोंके
सदियों का संदेश लाए
सुनो, दूर रहो

सन्नाटा बोले
शहर की गलियों में
कदम भी थम जाए

सांझ की नींद
पक्षियों की पंख फड़फड़ाए
शांति का संदेश

सफर में अकेला
पगडंडी भी राह बताती
धीरज रखो तुम

सागर की लहर
कपोल पर टकराकर कहे
कभी पास मत आ

नभ की ऊँचाई
शब्दों की दूरी बनाएं
वाणी मधुर रहे

पत्थर भी सिखाए
स्थिर रहो, दूर रहो
समय सब कहे

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com