क्या कहते है बहते आंसू
जिन शब्दों को बोल नहीं पाते,
वो खामोशी से कह देते ,
क्या कहते है बहते आंसू,
मन के सब बंध खोल देते,
हर आंसू में कुछ भाव भरते,
मन के बोझ को हल्का करते,
कभी खुशी में निकल आते,
कभी दुख को कम करते,
ये आंसू कभी भी आ जाते,
सुख,दुख दोनों में साथ निभाते,
बहते आंसू कह नहीं पाते,
न कहकर भी बहुत कुछ कहते.
— पूनम गुप्ता
