नववर्ष -२०२६
एक दो दिन का और है यह मेहमान
उसके बाद फिर कर जाएगा प्रस्थान
तमाम खट्टी -मीठी यादें छोड़ कर
दो हजार पच्चीस हो जाएगा अंतर्ध्यान
नये साल की तैयारी में जुटा है विश्व
हम भी खूब धूमधाम से मनाएंगे
अब तक की आपसी कड़वाहट को
पलक झपकते ही दूर भगाएंगे।
बस कुछ ही दिनों के अन्तराल में
करने वाला है नववर्ष पदार्पण
आओ सब मिलकर निर्णय करें
नकारात्मकता त्यागने का ले लें प्रण ।
कोई भी कुविचार मन में न पालेंगे
दुर्भावनाओं को ह्रदय से निकालेंगे
नही करेंगे पर निन्दा में साझेदारी
बिगड़ते सम्बन्धों को भरसक संभालेंगे
ठान लेंगे तो कुछ भी मुश्किल नही
जो चाहें हम वह कर सकते हैं
बस थोड़ी इच्छा शक्ति की जरूरत है
अन्तर्मन से बखूबी लड़ सकते हैं ।
लगातार जैसा हम सोचते रहते
धीरे-धीरे वैसा ही बन जाता इन्सान
सकारात्मक विचारों को दीजै तरजीह
सभी ग्रन्थों का भी है यही फ़रमान।
स्वास्थ्य पर पड़ता अनुकूल प्रभाव
और हो जाता सहज व निर्मल स्वभाव
धीरे-धीरे हो जाते सब विकार भी दूर
और आपस में बढ़ता जाता सद्भाव।
चहुं ओर फिर फैलेगा आनंद ही आनंद
एवं प्रवाहित होगा वायु में मकरंद
वातावरण बनेगा शुद्ध और सुगन्धित
और मिट जाएंगे सारे आपसी द्वंद्व ।
जब होगी परिवर्तित विचारधारा
फिर बहेगी प्रेम की अविरल धारा
आपसी सामंजस्य होगा स्थापित
और खुश होगा सृष्टि का सृजनहारा।
बस कुछ ही दिनों के अन्तराल में
करने वाला है नववर्ष पदार्पण
आओ सब मिलकर निर्णय करें
नकारात्मकता त्यागने का ले लें प्रण।।
नववर्ष सबके लिए हो मंगलकारी
सब स्वस्थ रहें न हो कोई लाचारी
देश और समाज प्रगति पथ पर चलें
आओ लें प्रण पूरा करने की जिम्मेदारी
अच्छा व्यवहार है सबसे बड़ी कमाई
प्रभु इस वर्ष कम हो विश्व में लड़ाई
सबके दिलों में आत्मीयता खूब पनपे
नववर्ष की सबको अग्रिम बधाई।।
आपस में खूब आत्मीयता पनपे
नववर्ष की सबको ख़ूब -ख़ूब बधाई।।
— नवल अग्रवाल
