मौनी अमावस्या
माघी मौनी अमावस्या की तिथि विशेषकर है पितरों को समर्पित,
पितरों को इस दिन तर्पण से प्रसन्न कर आशीर्वाद करें अर्जित,
गंगा स्नान दान ध्यान धार्मिक पठन पाठन का अनंत पुण्यफल,
जीवन को “आनंद” से भरने का माघ उत्सव देता हैं अमृतफल ।
गंगासागर में डुबकी लगानें का इस तिथि है बहुत ही विशेष महात्म्,
संचित कर्मों से मुक्ति पाने का योग है अति ही शुभकंर और उत्तम,
तन मन से जब भगवत् कृपा से होती हैं पूर्णतः विकारों से शुद्धि,
जागृत होती है अनंत की अनुभूति और आत्मिक सुख सिद्धी ।
अमावस्या की तिथि संकेत देती हैं अंधकार का अंत और पुनःनिर्माण,
आशावादी हो मनुष्य निराशा त्याग अपने लक्ष्य की ओर दे ध्यान,
मन को शांत कर चैतन्य करें भीतर के दिव्य आत्मिक प्रकाश को,
पितरों और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से प्राप्त करें जीवन आल्हाद को ।
वैदिक परंपराओं,पौराणिक ऋचाओं में निहित है वैज्ञानिक समावेश,
नव ग्रहों की अनुकूलता से बढ़ता पारिवारिक प्रीति सुख परिवेश,
सभी का हो मंगल आत्मिक सुख शांति वैभव की करूँ मैं कामना,
माघी अमावस्या पर अंत हो दुःखों का सफल हो सच्ची साधना ।
— मोनिका डागा “आनंद”
