मुक्तक
नजर की नजर से, दुनिया के ढंग देखिये,
प्यार के देखिये, कभी नफरत के देखिये।
हर घटना के अलग अलग रंग दिखायी देंगे,
हमारी नजर से, दुनिया के रंगों को देखिये।
एक नजर से हम केसरिया देखते हैं,
बंजर धरा में भी हम हरा रंग देखते हैं।
अमन चैन समृद्धि भारत की विरासत,
बुद्ध महावीर पैग़ाम सफेद रंग देखते हैं।
— अ कीर्तिवर्धन
