कुण्डली/छंद

मायावी संसार

नेता अभिनेता जान,

साथी कभी मत मान,

वादों की हैं भरमार,

हैं ये मायावी संसार।।

लोभ लालच रूदन,

अहं स्वार्थ का बंधन,

दंभ द्वेष अहंकार, 

कैसे होगी नैया पार।।

क्रंदित सकल जहाँ,

लूटपाट हिंसा यहाँ,

कैसे सुखी हो संसार,

शांति का हो उजियार।।

थाम कर चल हाथ,

छोड मत अब साथ,

खुशी खिले हर द्वार,

सजाओ वंदनवार।।

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८