कविता

वो काला दिन

जयहिंद वंदेमातरम का जयघोष 
सैनिकों का बलिदान 
तुम्हारे लिए।

वो तेरे चालीस लाल
अमर हो गए 
तुम्हारे लिए।

वो दुस्साहसिक आत्मघाती हमला 
नापाक कृत्य था 
तुम्हारे लिए।

हमारे जांबाज सैनिकों ने 
बलिदान दे दिया 
तुम्हारे लिए।

रक्तिम नव इतिहास बना 
जवानों की शहादत 
तुम्हारे लिए।

नापाक पाक असफल रहा
मुँह की खाकर
तुम्हारे लिए।

जलती रहेगी वो मशाल
जो जलाई गई 
तुम्हारे लिए।

सीमाओं पर अडिग प्रहरी 
हार नहीं मानेंगे 
तुम्हारे लिए।

चौदह फरवरी काला दिन
आँसू अंगार बने 
तुम्हारे लिए।

सौगंध जो खाई हमने 
उसे कर दिखाया 
तुम्हारे लिए।

तिरंगे में लिपट गए
राष्ट्र करता नमन 
तुम्हारे लिए।

तिरंगा सदा ऊँचा रहेगा 
गर्व के साथ 
तुम्हारे लिए।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921