ग़ज़ल -सभी से प्यार होली में
चलो कर के दिखाएं हम सभी से प्यार होली में।
मुहब्बत हम करें सब से नहीं तकरार होली में।
नहीं है गैर इस जग में, सभी अपने दुलारे हैं,
मनाएं मिल रॅंगों का आज यह त्यौहार होली में।
नहीं हो भेद जाती का, मिटा दे वैर नफरत को,
सभी हम एक हैं भाई, रॅंगें परिवार होली में।
बॅंटेगें हम नहीं अब तो रहेंगे साथ मिल जुल के,
दिखा दें प्यार दुनिया को अजी इस बार होली में।
नहीं है रोक मिलने में खुले आजाद पंछी हम,
चलो खेले सखी मिल प्रेम की बौछार होली में।
— शिव सन्याल
