मोहभंग
लाख आश्वासनों के बाद भी
जब गरीब के कनस्तर तक
आटा नमक तेल न पहुंचते तो
उसका सत्ता से मोह भंग होना लाजमी है।
रिश्तों को
सहेजने संवारने पालने के बाद भी
अगर सांप को दूध पिलाने जैसा
लगे तो
किसी भी भले आदमी का रिश्तों से
मोहभंग होना लाजमी है।
खेतों में मेहनत से
फसल बीजने के बाद भी अगर
बाड़ ही फसल को उजाड़ने पर उतारू हों तो
किसान का अपने पसीने की गंध से
मोहभंग होना लाजमी है।
बिना किसी गुनाह के
पांव तले से जमीन खिसक जाए
और आसमान से
सुरक्षा की छत उड़ जाए तो
आदमी का जीवन के खूबसूरत सपनों से
मोहभंग होना लाजमी है।
बीजे हुए खूबसूरत फूलों पर
कांटे उग आएं और
सदाबहार बेलों पर पतझड़ की दस्तक
सुनाई देने लगे तो
किसी भी माली का मोहभंग होना लाजमी है।
— अशोक दर्द
