हाइकु/सेदोका

तन्हा की दर्द भरी कहानी

सन्नाटा कमरे में,
छायाएँ फर्श पर फैलीं,
हृदय फुसफुसाए दुःख।

पतझड़ की पत्तियाँ गिरें,
हर एक अकेली कहानी कहे,
हवा उनका शोक ले जाए।

रात में सुनसान सड़कें,
कदम बिना आवाज़ गूँजे,
एकांत बना रहे।

खिड़की पर बरसते बूँदें,
हर बूँद दर्द की याद लाए,
आँसू वर्षा में मिल जाएँ।

झील पर चांदनी,
लहरों में छुपा शांति का पीड़ा,
परावर्तन भी शोक माने।

मद्धिम मोमबत्ती,
छायाएँ मौन दुःख में नाचें,
अंधकार आत्मा को गले लगाए।

सांझ की फीकी रोशनी,
भारी हृदय के साथ रंग फीके,
सन्नाटा गहराई से बोले।

एकांत जंगल की पगडंडी,
हर सरसराती पत्ती शोक मनाए,
प्रकृति धीरे रोए।

हवा पेड़ों में गूंजे,
अतीत की फुसफुसाहट लाए,
यादें जागें।

ऊपर चमकते तारे,
हृदय के दुःख के गवाह बने,
रात गुनगुनाए शोक गीत।

नरम रेत पर कदम,
धीरे लहरों से मिट जाएँ,
दर्द छोड़ जाए निशान।

दूर पर्वत की चोटियाँ,
अनंत शोक में भी अडिग खड़ी,
शक्ति दुःख छुपाए।

शाम की हल्की हवा,
हर आह में छुपी कहानी,
एकांत बोल पड़े।

बादलों के पीछे चांद,
रोशनी छुपाए, मुस्कान छुपाए,
छायाएँ हृदय को गले लगाएँ।

हृदय की गहराई में,
शांति का शांत महासागर,
आशा मौन प्रतीक्षा करे।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com