हाइकु/सेदोका

हर उत्तर अपने भीतर ढूंढने की कोशिश

सन्नाटा पोखर का,
प्रभात की लहरें नाचें,
सत्य फुसफुसाता।

ऊँचे पर्वत शिखर,
बादल बहते विचारों संग,
उत्तर भीतर हैं।

पतझड़ की पत्तियाँ,
हर एक कहती है कहानी,
खुद में खोजो ज्ञान।

सवेरे की हल्की हवा,
मन को हिलाए, दिल को शांत करे,
बुद्धि धीरे जागे।

नदी बहती जाए,
पत्थरों और पुलों के नीचे,
यात्रा रास्ता दिखाए।

चेर्री के फूल खिले,
नाजुक सुंदरता में छिपा सच,
आत्मा में देखो।

नरम रेत पर कदम,
हर कदम छोड़ता निशान,
सीख संग चलता रहे।

शाम की आग की गर्मी,
दीवारों पर छाया नाचे,
उत्तर भीतर चमकते।

चांदनी शांत झील,
आकाश और दिल को दिखाए,
खोजो, तो पाओगे।

एकांत पथ पर,
जंगल में सन्नाटा फुसफुसाए,
अपने आप को सुनो।

पतझड़ की बहती हवा,
छिपे विचारों के बीज ले आए,
मन में बो दो।

शांत रात का आगमन,
तारे धैर्यपूर्वक चमकें,
भीतर खोज की राह दिखाएं।

दिल के भीतर गहराई,
संसार तुम्हारा इंतजार करे,
देखो, और सत्य आए।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com