कविता
तेरी किताब की कहानी हु मैं
जो तू न पढ़े तू पहेली हु मैं
तेरा हिस्सा हु मैं
तेरी हर कहानी का किस्सा हु मैं
जो तू पढ़ ले मुझे प्रेम का समुद्र हु मैं
तेरी किताब का हिस्सा हु मैं
तेरे अनकहे शब्दों की कहानी हु मैं
जो तू मुझ मैं खो जाए एक रहस्य हु मैं
तेरे जज्बात का हकीकत हु मैं
तेरे सवालों का जवाब हु मैं
तेरी किताब की कहानी हु मैं
तेरा शायराना अंदाज हु मैं
जो तू भूल न पाए वो याद हु मैं
तेरे खुशियों की वजह हु मैं
तेरी कहानी का हिस्सा हु मैं….
— गंगा मांझी
