कविता
मुझे नहीं पता कल क्या होगा मैं अज्ञात हूँवक्त का मारा हुआ हूँ, ठुकराया हुआ हूँन बेबस हूँ, न लाचार
Read Moreदिल करता हैं हमेशा बच्चा बनकर रहूंसबकी खुशी का किस्सा बनूमेरी मुस्कान सबके चेहरे की मुस्कान बनेमेरी उदासी सबके चेहरे
Read Moreकिस्मत के हारे हमलो कहां आ गए हमएक मुश्किल रास्ते को पार किए हमदूसरे मुश्किल रास्ते पर फिर आ गए
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