कविता

दीए की जिंदगी में हवाओं की ज़िद बर्दाश्त नहीं है

दीया जलता है धीमी साँसों के साथ
हर लौ में एक नाजुक उम्मीद रहती है
हवा की हर टकराहट उसे हिला देती है
फिर भी वह जलना नहीं छोड़ता
अंधेरे से उसकी पुरानी दुश्मनी है
हर झोंका एक परीक्षा बनकर आता है
पर दीया मौन रहकर सहता है
उसकी रोशनी कमजोर नहीं होती
बस थोड़ा काँप जाती है
फिर भी वह उजाला बाँटता रहता है
हवाओं की ज़िद उसकी कहानी नहीं बदलती
क्योंकि रोशनी का स्वभाव ही संघर्ष है

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com

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