लघुकथा

सूत्रपात

रोज की जद्दोजहद और कशमकश के बाद घर लौटी रजनी चाय की केतली और प्याला लिये बालकनी में बैठ गयी। बाहर शोर ही शोर और अंदर सन्नाटा बोल रहा था। एक गहरी साँस लेकर उसने बगल की बालकनी में नज़र दौड़ायी। उसे ह्वील चेयर पर बैठी एक बुजुर्ग महिला दिखायी दी। वह चुपचाप आकाश निहार रही थी। आसपास कोई नहीं था। शायद अकेली थी।
“हैलो!” उसने रजनी की ओर देखा। उत्तर में हल्की-सी मुस्कान उसके चेहरे पर आ गयी।
रजनी ने चाय की केतली उसे दिखाकर पूछा, “चाय पीयेंगी?”
उसने सिर हिलाकर अपनी सहमति जतायी। रजनी ने चाय का एक प्याला उनकी ओर बढ़ाया।
केटली की चाय ने सन्नाटे और दोनो के अकेलेपन को चीर कर मित्रता की डोर में बाँध दिया।

— डाॅ. अनीता पंडा ‘अन्वी’

*डॉ. अनीता पंडा

सीनियर फैलो, आई.सी.एस.एस.आर., दिल्ली, अतिथि प्रवक्ता, मार्टिन लूथर क्रिश्चियन विश्वविद्यालय,शिलांग वरिष्ठ लेखिका एवं कवियत्री। कार्यक्रम का संचालन दूरदर्शन मेघालय एवं आकाशवाणी पूर्वोत्तर सेवा शिलांग C/O M.K.TECH, SAMSUNG CAFÉ, BAWRI MANSSION DHANKHETI, SHILLONG – 793001  MEGHALAYA aneeta.panda@gmail.com 

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