कविता

विश्व पुस्तक दिवस

पुस्तकें
फैलाती हैं
ज्ञान का प्रकाश
हम सबके जीवन में।

साथी
होती पुस्तकें
हमारे जीवन की
सबसे सच्ची दोस्त होतीं।

पुस्तकें
मौन होकर
निस्वार्थ भाव से
जीवन भर साथ निभाती।

जिसने
नहीं समझा
पुस्तकों का महत्व
पछताता है जीवन भर।

सीखिए
सम्मान देना
पुस्तकों को हमेशा
ये पूरी पाठशाला है।

जीवन
आइना बनेगा
पुस्तकों की बदौलत
अनुभव करने की जरूरत।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921