नीट??
मेरे प्रिय, भविष्य के चिकित्सकों
संघर्ष की भट्ठी में तपकर ही कुंदन निख़रता है
आज जब NEET की परीक्षा को लेकर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं और ‘दोबारा परीक्षा’ की सुग़बुगाहट ने आप सबके मन में हलचल पैदा कर दी है, आप एक अनिश्चितता लिए आसमान को घूर रहे होंगे,सच भी है, भविष्य की अनिश्चितता ऐसा करने पर मजबूर कर देती है,तब मैं एक लेखक और आपके मार्गदर्शक के रूप में आपसे मुख़तिब हूँ। मैं जानता हूँ कि दोबारा उसी रणभूमि में उतरने का विचार मानसिक रूप से थका देने वाला होता है, लेकिन याद रखिए,इतिहास वही रचते हैं जिनके इरादे चट्टानी होते हैं।
यह समय हताश होकर बैठने का नहीं, बल्कि अपनी कमियों को ताकत में बदलने का है। अगर नियति आपको एक और मौका दे रही है, तो इसे ‘सज़ा’ नहीं, बल्कि ‘श्रेष्ठता सिद्ध करने का अवसर’ मानिए। आपने महीनों तक रातों की नींद और सुख-चैन का त्याग किया है, वह तपस्या कभी व्यर्थ नहीं जाती। ज्ञान वह पूंजी है जो बांटने से बढ़ती है और दोहराने से अमर हो जाती है।
साहस और रणनीति का संगम बनो तुम,,,सपनों को साकार करो तुम,,आसमान को छु लो तुम,,आपके भाग्य ने दुबारा आवाज़ दी है तुमको,,, आगे बढ़ो आसमान को छू लो,,तुहरे माता पिता का सपना साकार करो तुम,,
एक योद्धा वही है जो युद्ध टलने या दोबारा होने पर अपने शस्त्रों को फेंक नहीं देता, बल्कि उनकी धार को और तेज़ करता है। यदि पिछली बार भौतिकी (Physics) के किसी न्यूमेरिकल ने आपको छकाया था या जीव विज्ञान (Biology) के किसी डायग्राम में आप उलझे थे, तो समझ लीजिए कि यह समय उन बाधाओं को जड़ से मिटाने के लिए मिला है।
मन के हारे हार है, मन के जीते जीत है,
नकारात्मक चर्चाओं और सोशल मीडिया की अफ़वाहों से दूर रहें। आपका लक्ष्य किसी विवाद का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि गले में ‘स्टेथोस्कोप’ पहनकर मानवता की सेवा करना है। उस सफ़ेद कोट के सपने को अपनी आँख़ों में फ़िर से जीवंत कीजिए। वह कोट केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि आपकी मेहनत, आपके माता-पिता के आशीर्वाद और समाज की उम्मीदों का प्रतीक है।
मेरी पंक्तियाँ आपके लिए,
तैयार हो जाओ फिर से उस आग से गुजरने को,
हौसलों की उड़ान से आसमां को छू लेने को।
मुश्किलें आती हैं सिर्फ़ क़ाबिल इंसान की राहों में,
तुम बने हो अपनी मेहनत से इतिहास लिख देने को।
उठ जाइए ,अपनी किताबों की धूल झाड़िए, एक नया टाइम-टेबल बनाइए और पूरी शिद्दत के साथ इस नए सफ़र पर निकल पड़िए। याद रखिए, जीत उसी की होती है जो आख़िरी सांस तक हार नहीं मानता।
पूरे विश्वास के साथ फ़िर से जुट जाइए। विजय आपका वरण करने के लिए प्रतीक्षारत है।
शुभकामनाओं सहित,
— डॉ. मुश्ताक अहमद शाह
