मिलने लगे इनाम
तीसरे-चौथे बच्चे पर, अब मिलने लगे इनाम,
यूं जनसंख्या की चर्चा में, बदल रहा है काम।
कल तक जो कहते थे—“छोटा रखो परिवार”,
ये बढ़ती उम्र की चिंता ने बदला पूरा विचार।
बच्चे सिर्फ बोझ नहीं, भविष्य की हैं पहचान,
उनसे तो चलता रहता, देश व समाज महान।
जब घटती जनसंख्या से, ‘अर्थव्यवस्था’ डोले,
तब नई सोच के दीप, शासन के मन के बोले।
हर नन्हा जीवन लाता है, खुशियों की सौगात,
ममता, सपने, उम्मीदों की, जगती नई बारात।
नीति चाहे जो भी बदले, समय बदलता जाए,
बच्चों की मुस्कानों से, हर आँगन खिल जाए।
(संदर्भ – आंध्र में तीसरे-चौथे बच्चे के जन्म पर पैसे मिलेंगे)
— संजय एम तराणेकर
