प्रजातंत्र बना श्मसान
मत दीजिए बार-बार झूठे बयान नेताजी
अब तो करें सच की पहचान नेताजी
दौरे से जब लौटते हो थके हारे
व्हिस्की से उतारते थकान नेताजी
भाई-चारे की पीठ में घोंपे खंजर
जनतंत्र को बनाया श्मशान नेताजी
ऊपर हैं आसमान ‘औ’ नीचे धरती
दे बेघर लोगों को मकान नेताजी
वोटों हेतु पहले ही खोल चुके हो
अब न खोल साम्प्रदायिक दुकान नेताजी
गुंडे, बदमाश, लफंगे सब पर हैं भारी
मिले है आज ऊंचा सम्मान नेताजी
कर ऐसा अनूठा काम सब याद रखें
बढ़े जग में फिर देश की शान नेताजी
दीजिए भूखे-नंगो को रोटी, कपड़ा
तब माने आपका एहसान नेताजी
मिले हरेक समस्या का हल अब रमेश
आगे रहकर करिये निदान नेताजी
— रमेश मनोहरा
