विवेक से किया निर्णय जीवन का सच्चा गहना
मौन की भाषा में जीवन का सारा ज्ञान समाया है
हर रिश्ते का अपना मर्यादित सम्मान निभाया है
जिसको जितना देना हो,पहले उसका मन पहचानो
विवेक से किया निर्णय ही जीवन का सच्चा गहना है
स्वार्थी को प्रेम दोगे,वह उसका मोल न जानेगा,
कपटी को भाव दोगे,वह विश्वास ही तोड़ेगा
सच्चे मन की पूँजी केवल योग्य हाथों में सजती है
अन्यथा निर्मल हृदय भी पीड़ा में ही डूबेगा
मित्र को धोखा देना,विश्वास का दीप बुझाना है
प्रिय से नफ़रत रखना,अपने ही घर को जलाना है
अतिथि का आदर करना,संस्कृति की सच्ची पहचान
सम्मान बाँटने वाला ही जग में सम्मान पाना है
अहंकारी को महत्व दोगे,अहंकार और बढ़ जाएगा
दुष्ट को सहयोग दोगे,अन्याय का वन लहराएगा
अधर्मी का साथ कभी भी मंज़िल तक नहीं पहुँचाता,
सत्य का पथ चुनने वाला हर संकट से उबर जाएगा
जीवन का सार यही,विवेक से हर संबंध निभाना
प्रेम, दया, विश्वास का दीप सदा मन में जलाना
योग्य को सम्मान,ज़रूरतमंद को सच्चा सहारा देना,
यही मानव धर्म है,यही जीवन को सफल बनाना
— किशन सनमुखदास भावनानी
