बरखा रानी
विधा- गीत
शीर्षक- बरखा रानी
बरखा रानी आएगी,
ढेरों खुशियां लाएगी,
रिमझिम-रिमझिम बूंदों से
गीत सुरीला गाएगी।
भीग-भीग पेड़ों के पत्ते,
और हरे हो जाएंगे,
ताल-तलैया जल से भरेंगे,
हम झूमेंगे-नाचेंगे।
खिल जाएं मुरझाए चेहरे,
किसान के मुख पर लाली,
कागज की नावें तैरेंगी जब,
बच्चे खुश हो बजाएंगे ताली।
वन-उपवन झूमेंगे कहेंगे,
बरखा रानी बड़ी सयानी,
कम या ज्यादा बरस-बरस कर,
मत करना तू मनमानी।
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया
