हाइकु/सेदोका

हाइकु कविताएं

मेघ बरसे
दादुर टर्र- टर्र
करने लगे।

बरखा रानी
झरने लगी बूंदें
पानी ही पानी।

बहुत भाता
बारिश का मौसम
बालपन को ।

मेघ गरजे
कजरारे बादल
डर के गिरे।

तरसे धरा
बूंद-बूंद बरसे
सावन सूखे।

अमृत बूंद
आ गिरी होंठों पर
मिलती तृप्ति।

— वाई. वेद प्रकाश

वाई. वेद प्रकाश

द्वारा विद्या रमण फाउण्डेशन 121, शंकर नगर,मुराई बाग,डलमऊ, रायबरेली उत्तर प्रदेश 229207 M-9670040890

One thought on “हाइकु कविताएं

  • *अशोक दर्द

    सुन्दर रचना

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