हाइकु/सेदोका

भारतीय विधा में हाइकु : शब्द – तम

१) सूर्य के उदय होते ही
है हो जाता तम का सम्पूर्ण शमन
रवि के बिना नही जीवन ।

२) कितना भी घना हो अंधेरा
ज्ञान के प्रकाश से हो जाएगा दूर
छंटेगा तिमिर होगा प्रकाश भरपूर।

३) उतार-चढ़ाव तो आते रहेंगे
यह तो हैं जीवन के अभिन्न अंग
तम, प्रकाश न रहें संग ।

४) सब कुछ सोच पर निर्भर
फिर तम से कोई क्यों कर डरे
सूर्य देव सबकी रक्षा करें ।

५) सबको पता यहां सब अस्थाई
ज्ञान एवं तम की सदा चले लड़ाई
अंधेरे की निश्चित है विदाई।

— नवल अग्रवाल

*नवल किशोर अग्रवाल

इलाहाबाद बैंक से अवकाश प्राप्त पलावा, मुम्बई