मेरे पिया
नींद मेरी और सपने तेरे
मैं तुम बिन, तुम मेरे बिन अधूरे
केश मेरे और गज़रा तेरा
मेरा तुझ पर, मुझ पर हक है तेरा
मांग मेरी सिंदूर है तेरा
न चाहूं तुझ बिन कोई सवेरा
भाल मेरा और बिंदिया तेरी
बलि बलि जाऊं हर बात पर तेरी
आंख मेरी और काजल तेरा
दिल में मेरे बस एक तेरा बसेरा
होंठ मेरे और लाली तेरी
बस गया तू नस नस में मेरी
कान मेरे और झुमके तेरे
तूने उठाए सदा सब नखरे मेरे
गला मेरा मंगलसूत्र है तेरा
पल भर ना छूटे कभी साथ ये तेरा
आवाज़ मेरी सब गीत हैं तेरे
एक तुझ बिन कुछ न मन में मेरे
हाथ मेरे और कंगन तेरे
हकीकत भी तू सपने भी तेरे
पैर मेरे पायल बिछुए तेरे
तेज तेरा हरे मेरे मन के अंधेरे
प्यास मेरी और पानी तेरा
करवा चौथ का व्रत ये मेरा
उमर तेरी उपवास हैं मेरे
बिन तेरे मेरे सब काम अधूरे
सब कुछ मेरा है सब कुछ तेरा
क्योंकि
मैं सिर्फ़ तेरी तू फ़क़त है मेरा।
— पिंकी सिंघल
