हास्य व्यंग्य

व्यंग्य – चुगली रस

वर्तमान युग की भागम भाग और संघर्षों से भरी ज़िन्दगी में जहां लोगों के पास अपनों की तो छोड़िए,अपने लिए ही समय नहीं है।फुरसत के चंद लम्हें क्या होते हैं,इसको परिभाषित करना आज शायद ही किसी को आता हो।आज हर कोई दूसरे से आगे बढ़ना चाहता है, कम समय में अधिक पाना चाहता है और […]

कविता

सुभाष जयंती

आया दिवस अवतरण का उनके छाया चहुँ ओर उल्लास अपने रक्त से लिख दिया जिसने हिंद का एक नया इतिहास उड़ीसा के कटक में खिला था सन सत्तानवे में फूल पलाश आज़ाद हिंद की गठित कर सेना जिसने जीता सबका विश्वास परतंत्र भारत में बनकर उभरे आज़ादी की नई इक आस भारतीय इतिहास के अमर […]

लघुकथा

लघुकथा – बेनाम रिश्ता

बात कुछ समय पहले की है, फेसबुक के माध्यम से एक आकर्षक व्यक्तित्व वाले सुंदर स्मार्ट व्यक्ति जिसका नाम था-स्वप्निल, की तरफ से अनुष्का को एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उसने उसकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली। धीरे-धीरे बातें शुरू हुई और कुछ समय बाद अनुष्का को एहसास होने लगा कि स्वप्निल उसे दोस्त से कहीं अधिक […]

सामाजिक

25 जनवरी: पर्यटन दिवस

*जुड़ती संस्कृतियां फिर आपस में विचारों का होता खूब प्रसार* *रोजगार के अवसर पैदा कर पर्यटन बढ़ाता जब कारोबार* किसी भी देश की आर्थिक स्थिति को ऊंचा उठाने में उस देश के पर्यटन विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। न केवल विदेशी पर्यटक अपितु देश के भीतर के घरेलू पर्यटक भी देश के […]

लघुकथा

नया मुक़ाम

राखी और रोहन दोनों ही कॉलेज के जमाने से एक दूसरे से प्यार करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खाते थे। एमबीए पूरी करने के बाद भी उनका रिश्ता बरकरार रहा। दोनों को अलग-अलग कंपनियों में नौकरी मिली परंतु फिर भी कोई शाम ऐसी नहीं होती थी जब वे ना मिलते हों। ऑफिस […]

कहानी

हाथ की लकीरें

अच्छे ग्रेड में एम बी ए करने के बावजूद भी अभी तक बेरोजगार घूम रहे कैफे में बैठे सम्राट ने जैसे ही अपना लैपटॉप खोला नोटिफिकेशन में मेल खुलते ही उसकी आंखें खुली की खुली रह गई। पिछले 3 वर्षों से नौकरी की तलाश में भटकते सम्राट की आज भगवान ने आखिर सुन ही ली […]

संस्मरण

शीर्षक: विंडो वाली सीट

बात उस समय की है जब मैं कक्षा नवीं दसवीं की छात्रा रही होंगी। मेरे मामा जी रोहतक हरियाणा में रहते थे। मई-जून की गर्मियों की छुट्टियों में हम अक्सर सपरिवार उनके पास उनके घर रहने जाया करते थे। मामा जी के घर जाने से कहीं ज्यादा उत्सुकता और खुशी हमें ट्रेन में बैठने की […]

सामाजिक

ओए पापा, बड्डी,यार मान जा न

जैसा कि शीर्षक को पढ़ने से ही समझ आ रहा है कि यह वाक्य या वाक्यांश किसी बच्चे द्वारा अपने पिता के लिए बोला गया है, जिसमें बच्चा अपनी किसी बात को मनवाने के लिए अपने पिता से आग्रह कर रहा है। इस तरह के अनेक वाक्य हम सभी के घरों में अक्सर सुने जा […]

कविता

स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा

स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा खुलेगा अब खुशियों का पिटारा होंगे दूर अवसाद अब सारे होगा खुशमय अब भारत सारा। थे जिनसे छूटे कुछ उनके अपने जीवन था उनका लगभग सम तपने नव वर्ष की पावन बेला में होंगे उनके भी अब पूरे सपने। बेरोजगारी से जो हुए बेहाल उनको राहत देगा यह साल सीख […]

राजनीति

झाड़ू का जादू चल ही गया

बीती 4 दिसंबर को 250 सीटों के लिए हुए दिल्ली नगर निगम चुनाव के नतीजे 7 दिसंबर 2022 को आ गए हैं जिनके मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने 134 सीटों के साथ बहुमत हासिल कर जीत दर्ज की ,वहीं भारतीय जनता पार्टी 104 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही और कांग्रेस को तीसरा स्थान […]