क्षणिका क्षणिका : आँखमिचौनी हेमलता यादव 12/04/2016 अजनबी व्यवहार के साथ पहचाने चेहरे आँख बचाकर जब सामने से गुजरते देखे अहसास हो गया बुझती उम्र का — हेमलता यादव