मुक्तक/दोहा नीति के दोहे(माता) अशर्फी लाल मिश्र 12/01/202227/01/2022 जननी, माता दोहा : जननी से माता बड़ी, जिसने पालन कीन्ह। मातु यशोदा हर कंठ,देवकी जन्म दीन्ह।। –अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर