एक और अन्तरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित हुए रूपेश
बिहार के सीवान जिले के चैनपुर गांव के प्रख्यात युवा साहित्यकार रूपेश कुमार को ‘बेस्टी एजुकेशन एंड चेरीटेबल ट्रस्ट(रजि), दोहा कतर के संस्थापक डॉ बैद्यनाथ शर्मा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अफसाना सैयद के द्वारा अन्तरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन मे प्रतिभाग करने के शुभ अवसर पर सम्मान से सम्मानित किया गया । साहित्य जगत मे इनकी पहचान काफी उच्चस्तर पर है, इससे पहले इन्हें काफी राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तीन सौ से अधिक साहित्य, सामाजिक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है, रूपेश की साहित्य की चार पुस्तक दिल्ली एवं आसाम से प्रकाशित हो चुकी है जिनमे मेरी कलम रो रही है, मेरा भी आसमान नीला होगा, कैसे बताऊँ तुझे एवं मेरी अभिलाषा है इनकी नयी पुस्तक “रूप की कल्पना” आने वाली है जो साहित्य जगत की खूबसूरत शृंगार से भरा होगा । रूपेश के संपादकीय मे भी तीन साहित्यिक पुस्तकें आ चुकी है । रूपेश अभी रिसर्च के साथ ही प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे है। रूपेश अद्भुत प्रतिभा के धनी है जिसके कारण इनकी रचनाओं को देश- विदेशों के पत्र पत्रिकाओं में जगह मिल चुकी है । भौतिक विज्ञान का छात्र होते हुए भी साहित्य मे अपना पैर जमाए हुए है । रूपेश वर्तमान मे साहित्यिक,सामाजिक एवं संस्कृति संस्था ‘अन्तर्राष्ट्रीय सखी साहित्य परिवार(रजि) के बिहार अध्यक्ष एवं ज्ञानोत्कर्ष अकादमी भारत के संस्थापक है । इस उपलब्धि पर इनको बुलंदशहर की बीजेपी महिला मोर्चा की जिला मंत्री सह कैनवास कलाकार कल्पना चौधरी, सुप्रीम कोर्ट दिल्ली की लॉ ऑफिसर अनुजा मिश्रा, मुजफ्फरपुर की लेक्चर निधी कुमारी, लखनऊ की शायरा प्रिया सिंह, राजस्थान की प्रोफेसर डॉक्टर टीना राव, आगरा की प्रोफेसर डॉक्टर विजय लक्ष्मी,मधुबनी से डॉक्टर मीनाक्षी कुमारी, उत्तराखंड की प्रोफेसर डॉक्टर वसुंधरा उपाध्याय जी, दिल्ली की प्रोफेसर डॉक्टर अनामिका रोहिल्ला, वाराणसी से उपन्यासकार अरुण कुमार, गोपालगंज से शायरा ज्योति किरण सिंह, जीवाजी विश्वविद्यालय की रिसर्च छात्रा मनीषा गिरी, लखीमपुर से आसमा सबा जी, दिल्ली की कवयित्री आशा दिनकर जी, आसाम से डॉक्टर दीपिका सुतोदीया जी, नोयडा से रीता सिवानी जी, सिलीगुड़ी से नीलू कानू प्रसाद जी, पटना से रिचा प्रसाद जी एवं मॉडल रूपा वात्स्यायन जी, भोपाल से डॉक्टर नीलू समीर जी इत्यादी गणमान्य व्यक्तियों ने बधाईयाँ दी ।